News by Date

गुरुवार, 17 नवंबर 2016

आईएमए के बदलाव के विरोध में डॉक्टरों का धारना

भारत सरकार की चिकित्सा नीति के तहत अब नेशनल मेडिकल कमिसन का गठन करने जा रही है । इसके साथ ही डॉक्टरों की संस्था आईएमए का असितत्व समाप्त हो जाएगा केंद्र सरकार की इस नीति के विरोध में एक दिवसीय सत्याग्रह का कार्यक्रम सदर अस्पताल में आयोजित किया   । 
आईएमए के अध्यक्ष एस के वर्मा ने कहा कि एनएमसी ग्गठन होने के बाद संस्था का प्रतिनिधित्व ब्यूरो क्रेट के हाथो चली जायेगी । उन्होंने कहा कि सरकार जबर्दस्ती अ व्यवहारिक समाज के प्रतिकूल क्लिनिकल एस्टबलिस्टमेंट (रजिस्ट्रेशन एवं रेगुलेशन रेक्ट ) 2010 लागू करना चाहती है इससे चिकित्सा व्यवस्था काफी महंगी हो जायेगी जो बड़े बड़े कारपोरेट अस्पताल उनका मनमाना फ़ीस हो जाएगा और छोटे क्लिनिक बन्द हो जाएंगे जिसके कारण कम आय वाले लोगो पर इसका असर पड़ेगा ।