अनंत चतुर्दशी पर्व आज पूरे भक्तिभाव के साथ मनाया गया। अनंत चतुर्दशी की पूजा कई जगहों मंदिरो में सामूहिक
की गई तो कई जगह लोगो ने अपने घरों में किया ।
बनमनखी में भी कई जगह पूजन किया गया ।बनमनखी दुर्गा स्थान में भी पूजा की गयी पंडित तारकेश्वर तिवारी ने कहा कि
भादों का महीना त्योहारों का महीना माना गया है, क्योंकि सर्वाधिक व्रत और त्योहार इसी महीने में मनाए जाते हैं। नागपंचमी, हलषष्ठी, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी के बाद अब अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाएगा। यह व्रत सच्चिदानंद, अविनाशी अनंत ईश्वर से जोड़ने वाला व्रत है। इसमें दिन भर व्रत रखने के बाद 14 गांठों वाली अनंत धागे की पूजा-अर्चना कर भुजा में बांधे जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इसकी विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पुरुषों के दाहिने व महिलाओं के बाएं भुजे में अनंत धागा बांधना चाहिए।
अनंत धागे की 14 गांठें 14 लोक या 14 भुवन का परिचायक है, जो हमें बताता है जीवात्मा 14 लोकों में जहां कहीं भी हो वह अनंत ईश्वर से जुड़ा हुआ है। अनंत चतुर्दशी को लेकर कल बाजार में काफी गहमा गहमी थी ,लोग अनंत के धागे और पूजन सामग्री खरीद रहे थे ।
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गुरुवार, 15 सितंबर 2016
श्रद्धा के साथ मना अनंत चतुर्दशी
