पूर्णिया(निस) मैं सिर्फ वार्ड पार्षद बनकर सेवा करना पसंद करूँगी परन्तु सशक्त स्थायी समिति की मुखौटे सदस्य बनकर मनमानी करने वाले के साथ रहकर नहीं, इसलिए मैंने सशक्त स्थायी समिति की सदस्य पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया हूँ, उक्त बातें वार्ड न०8 के पार्षद शिल्पी सुमन ने प्रेस वार्ता में कहीं। शिल्पी सुमन ने पूरी बात कहते हुए बताई कि सरकारी योजना को लेकर सशक्त स्थायी समिति का मनतव्य का महत्व नहीं दिया गया और मनमानी रूप से सभी वार्डों में सुचारु रूप से सड़क का निर्माण नहीं किया गया, और ना ही मेरे वार्डों का महादलित धोबी टोल, ततमा टोल, ओमनगर, मंडल टोल, हाईस्कूल के पीछे, स्टेशन मुहल्ले का सड़क का निर्माण को लेकर दो वर्षों से लगातार सशक्त स्थायी समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित करवाने के बावजूद आयें हुए योजना को परिवर्तित कर निजी क्षेत्र और अपने स्वार्थ में निर्माण किया जाता रहा है। मैं शुरू से सभी योजनाओं को पूरे नगर पंचायत में बराबर लागू करने की आवश्यकता पर दबाव डालने का प्रयास करती रही परन्तु अनसुना किया जाता रहा है। यह पूर्ण रूप से मुझे मेरे पद के अधिकार से वंचित करने का प्रयास हैं जिसे मैं घूटन के रूप में महसूस कर रही ।परन्तु वर्तमान में अध्यक्ष पति द्वारा आवास योजना में लभावित होने की पहली आवेदन प्रक्रिया में खुद के नाम जोड़े जाने की बात सार्वजनिक होने और चौतरफा विरोध किये जाने पर दस पार्षदो का संयुक्त हस्ताक्षर से मुख्य पार्षद एवं उप मुख्य पार्षद के मनमानी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव के आवेदन पत्र स्थानीय प्रशासन के साथ जिला प्रशासन एवं प्रमंडलीय आयुक्त को दिए जाने से व्यवस्था सुधारने की उम्मीद जागी वहीं एकाएक पाँच पार्षदो सीता देवी, कलानन्द ठाकुर,गुप्तेशवर साह,मंजू देवी,शंभू रिषि द्वारा एकाएक दो दिनों में अपने इरादे को बदल कर पून:मनमानी को बढ़ावा देने के लिये अविश्वास के विरुद्ध हस्ताक्षर करने से मुझे अपनी भावनाओं पर और सशक्त स्थायी समिति की सदस्यता की गरीमा पर आघात महसूस किया हूँ इसलिए इस्तीफा देने का निर्णय लेने में ही अपनी आतमबल को स्वीकार हुई है। शिल्पी सुमन ने अपनेवक्त्वय में कहीं कि इरादे बदलने वाले पार्षदो को जनता अपनी अदालत में जरूर सबक सिखा देगी । अब हम पाँच पार्षद श्री बिनोद कुमार साह, रेणु देवी, रीता साह, रेणु देवी एवं स्वयं मैं एक साथ मिलकर अपने अपने वार्डों के साथ पुरे नगर पंचायत के लिये स्वतंत्र रूप से संघर्ष करने का प्रयास करते रहूँगी ।
