दुर्गा पूजा के इन दिनों जगह-जगह माता दुर्गा को भोग लगाए जाने वाले लड्डू सहित अन्य मिष्टान्नों में मिलावट का धंधा जोरों पर चल पड़ा है। दुर्गा पूजा स्थलों पर प्रसाद के रूप में बिक्री किए जाने वाले पेड़ा, नारियल बर्फी, बेसन लड्डू मिलावट का धंधा काफी बढ़ गया है। प्रसाद के लिए बिक्री होने वाले लड्डू में बाहर से मंगाए गए सिथेटिक बुंदिया का धड़ल्ले से प्रयोग किया जाता है। पेड़ा भी बाहर से मंगाए गए होते हैं। वहीं शहर के कई मंदिरों के निकट प्रसाद के लिए मिठाई दुकानों पर मिलावटी मिठाइयों का कारोबार वर्षों से चल रहा है। मिलावटी मिठाइयों में बाहर से मंगाई गई रेडिमेड मिठाइयां शामिल होती हैं।
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मिठाई प्रतिष्ठानों पर मूल्य तालिका नहीं
शहर के अधिकांश मिठाई दुकानों में घटिया, बासी मिठाइयों की ऊंची दरों पर बिक्री की मानमानी की ऊंचे दरों पर बिक्री की मनमानी का सिलसिला बदस्तूर जारी है। बाहर से मंगाई गई कम दामों की मिठाई यहां की दुकानों में ऊंची दरों पर बिक्री की जाती है। शहर के अधिकांश मिठाई प्रतिष्ठानों पर मूल्य तालिका नहीं होने के कारण यहां उपभोक्ताओं को आर्थिक शोषण का शिकार भी होना पड़ रहा है।
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खरीदारों को लगा रहे चूना
बंगाल से मंगाई गई घटिया किस्म की सोनपापड़ी, डोडा बर्फी, पेड़ा, मिल्क सेक, कलाकंद, खोआ सहित अन्य किस्म की मिठाइयों को निज कारखाना में निर्मित बताकर खरीदारों को चूना लगाया जाता है। बाहर से मंगाई गई 80 से 100 रुपये प्रति किलो की दर पर ये मिठाइयां यहां 180 से 240 रुपये प्रति किलो के दर पर बिक्री की जाती है। एक ही तरह की मिठाई को अलग-अलग नाम देकर भिन्न-भिन्न दरों पर बिक्री की जाती है। शहर के मधुबनी, लाइन बाजार, भट्टा बाजार, खुश्किबाग, राजनी चौक, ठाकुरबाड़ी, पूर्णिया सिटी स्थित मिठाई दुकानों में गाजर का हलवा, रसमलाई, रस माधुरी, काजू बर्फी, बेसन लड्डू, गुलाब जामुन, सोनपापड़ी, राबड़ी, बुंदिया लड्डू, कलाकंद सहित अन्य मिठाइयां अलग-अलग दरों पर बिक्री की जाती है।
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मिठाई प्रतिष्ठानों पर मूल्य तालिका नहीं
शहर के अधिकांश मिठाई दुकानों में घटिया, बासी मिठाइयों की ऊंची दरों पर बिक्री की मानमानी की ऊंचे दरों पर बिक्री की मनमानी का सिलसिला बदस्तूर जारी है। बाहर से मंगाई गई कम दामों की मिठाई यहां की दुकानों में ऊंची दरों पर बिक्री की जाती है। शहर के अधिकांश मिठाई प्रतिष्ठानों पर मूल्य तालिका नहीं होने के कारण यहां उपभोक्ताओं को आर्थिक शोषण का शिकार भी होना पड़ रहा है।
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खरीदारों को लगा रहे चूना
बंगाल से मंगाई गई घटिया किस्म की सोनपापड़ी, डोडा बर्फी, पेड़ा, मिल्क सेक, कलाकंद, खोआ सहित अन्य किस्म की मिठाइयों को निज कारखाना में निर्मित बताकर खरीदारों को चूना लगाया जाता है। बाहर से मंगाई गई 80 से 100 रुपये प्रति किलो की दर पर ये मिठाइयां यहां 180 से 240 रुपये प्रति किलो के दर पर बिक्री की जाती है। एक ही तरह की मिठाई को अलग-अलग नाम देकर भिन्न-भिन्न दरों पर बिक्री की जाती है। शहर के मधुबनी, लाइन बाजार, भट्टा बाजार, खुश्किबाग, राजनी चौक, ठाकुरबाड़ी, पूर्णिया सिटी स्थित मिठाई दुकानों में गाजर का हलवा, रसमलाई, रस माधुरी, काजू बर्फी, बेसन लड्डू, गुलाब जामुन, सोनपापड़ी, राबड़ी, बुंदिया लड्डू, कलाकंद सहित अन्य मिठाइयां अलग-अलग दरों पर बिक्री की जाती है।
