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शुक्रवार, 17 जून 2016

कसबा पुलिस देखती रह गई जीविका दीदी ने तोड़ दी भट्टी

बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा था की जहाँ भी शराब की भट्टियां पाई जायेगी वहा के थाना प्रभारी नपेंगे! लेकिन पुलिस की उदासीनता के कारण प्रखंड के कई हिस्सों में देशी शराब की बिक्री से तंग आकर जीविकों की दीदियों ने दो दर्जन से भी ज्यादा देशी शराब की भट्टियों को ध्वस्त कर दिया। मामला थाना क्षेत्र के मोहनी पंचायत स्थित गेरूआ आदिवासी मोहल्ले की है जहां शुक्रवार को सैकड़ों की तादाद में पहुंची जीविका की दीदियों ने साहस का परिचय दिखाते हुए तकरीबन दो दर्जन से ज्यादा देशी शराब की भट्टियों को ध्वस्त कर दिया। यद्यपि इस दौरान जीविका की दीदियों को देशी शराब बेचने वालों से थोड़ी नोक-झोंक भी हुई परंतु जीविका की दीदियों ने लगभग सात घंटों से मोहनी पंचायत के चार गांवों में जहां भी शराब बनाए जाते थे वहां पहुंचकर भट्टियों को ध्वस्त कर देती थी। दीदियों ने इस दौरान शराब बनाने के उपकरण तथा नोशादर को भी जब्त कर लिया। जीविका की दीदियों ने बताया कि सरकार द्वारा शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बावजूद भी प्रखंड के कई हिस्सों में देशी शराब बनायी जाती है। देशी शराब बनाये जाने की सूचना दीदियों द्वारा कई बार पुलिस को देने के बावजूद भी पुलिस द्वारा छापेमारी नहीं किए जाने से कई परिवार लोग आज भी शराब पीकर बर्बाद हो रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री द्वारा भी दीदियों को शराब की भट्टियों को तोड़ने का आदेश मिलने के बाद शुक्रवार को हमलोगों ने धावा बोलते हुए कई भट्टियों को ध्वस्त कर दिया। दीदियों ने बताया कि इस मामले की जानकारी पुलिस को घंटों पहले दे दी गई थी बावजूद पुलिस घंटों बाद तब पहुंची जब सारी भट्टियों को नष्ट कर दिया गया था। दीदियों ने पुलिस को बड़ी संख्या में शराब बनाने वाले उपकरण, नौशादर को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। गौरतलब हो कि पिछले दिनों भी कसबा के प्रखंड विकास पदाधिकारी लोक प्रकाश के नेतृत्व में अभियान चला कर बड़ी संख्या में देशी शराब की भट्टियों को ध्वस्त किए गए थे। साथ ही सैकड़ों लीटर देशी शराब को नष्ट किया गया था। ऐसे में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बावजूद भी प्रखंड के कई क्षेत्रों में शराब की भट्टियां मिलना कसबा पुलिस की नाकामी को दर्शाती है।अब देखना यह है की सरकार क़स्बा थानाप्रभारी पर क्या कार्यवाही करती है!