पूर्णिया(निस) बिहार में कुल 45 जगहों पर दो समुदाय में झरप हुई है उन सभी में सरकार ने एक तरफ़ा कार्यवाही की है! रूपौली का बहादुरा कांड प्रसाशन की विफलता का नतीजा है! प्रशासन को चाहिए की गलती करने वालो पर कार्यवाही करे पर सरकार के दबाब में प्रसाशन भी गलत कार्य को अंजाम दे रही है, शायद वे भूल गए है की सरकार आती जाती रहती है! जिले में चल रहे समरस संत समागम में सांसद व बिहार भाजपा के पूर्व अध्यक्ष गोपाल नारायण सिन्हा ने उक्त बाते की! उन्होंने कहा की बिहार 40 साल पहले जहाँ था आज भी वही है, सरकार को स्वाथ्य, शिक्षा गरीबी मिटाने की बात करनी चाहिए! मगर वोट की राजनीति के लिए दो समुदाय को लड़ा रही है! समरस संत समागम के सत्र में उन्होंने कहा की आज राजनेता अपनी वोट के लिए हिन्दुओ को जाति जाति में बाँट दिया है! आज कल एक नया दौर चला है वह है सत्ता स्थान्तरन का दौर! आज के एमएलए, एमपी अपने ईमान, संस्कृति को ताक पर रखकर राजनीति करते है! इस परिस्थिति के लिए हम स्वम् जिम्मेदार है हमे अपने आप में भी मंथन करना होगा की क्या हम सही है! उन्होंने कहा की वे कौन लोग है जो बांग्लादेशी को भारत की नागरिकता दे रहे है, वे हमारे ही बीच के लोग है! छुआ छुत की राजनीति करने वाले भी हम ही है! जब तक इन कुरीतियो को दूर नहीं किया जायेगा तब तक हिन्दू समाज खतरे में रहेगा!
