पूर्णिया(संजीव कुमार) इतनी जल्दी गिरगिट भी रंग नही बदलते है जितनी जल्दी कसबा के वार्ड पार्षद ने अपने रंग बदले है, लगता है गिरगिट भी इन्हें देखकर आत्महत्या कर लेंगे । स्थिति नगर पंचायत के 10 में से 5 पार्षदों की है ,जिन्होंने आवास योजना कि सूचि में गड़बड़ी के बाद आनन्-फानन में नगर पंचायत के मुख्य पार्षद एवं उप मुख्य पार्षद के खिलाफ 19 सितम्बर को अविश्वास प्रस्ताव का मांगपत्र कार्यपालक पदाधिकारी को सौपा था | 10 में से पांच पार्षद मुख्य पार्षद के पक्ष में हस्ताक्षर कर कार्यपालक पदाधिकारी के पास जमा करते हुए कहा कि हम दिग्भ्रामित हो गए थे, हम विकास के पक्षधर है |वही वार्ड पार्षद शिल्पी सुमन ने इनकी हरकतों से अपनी नगर पंचायत समिति के स्थाई सदस्य से इस्तीफा देते हुए कहा कि कसबा के राजनितिक गलियारों में कुछ नही हो सकता। वही वार्ड पार्षद शिल्पी सुमन के पति बमबम साह ने कहा कि हम पाँच वार्ड पार्षद अब बीते साढे चार सालों का विकास का सब हिसाब मांगेंगे। क्योंकि अब जनता भी देख चुकी है की क्या विकाश हुआ है! वही वाड नं0 6 के वाड परिषद मंजू देवी ने कहा की आनन् फानन में आ कर अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किये लेकिन अब मै वापस ले ली हूँ। वही वाड नं0 7 के दिनानाथ सावरिया ने अपने वार्ड के आवास योजना में मात्र एक ही व्यक्ति का गलत मानते हुए कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। वही वार्ड पार्षद अध्यक्ष सुषमा देवी वाड नं0 5 कुछ भी प्रतिक्रिया देने से इनकार किया! जब से आवास योजना में पार्षदों का एवं उनके रिस्तेदारो के नाम का खुलासा हुआ हैं तब से नगर पंचायतो के राजनीतिक गलियारों में हलचल सी मच गई हैं। अगर नगर पंचायत के सभी योजनाओ की खोली जाए तो करोड़ो का घोटाला सामने आ सकता है!
