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गुरुवार, 8 सितंबर 2016

सदर अस्पताल में मिला दारु का डब्बा

ऐसा प्रतीत हो रहा है, बिहार में सरकार द्वारा लागू की गई शराबबंदी के नई उत्पाद नीति सिर्फ आम लोगों के लिए है । चूँकि सरकारी सम्पति पर शराब पीना अवैध नहीं माना जा रहा है ।
             मामला पूर्णिया सदर अस्पताल का है, जिसके परिसर में फेंका हुआ दिखाई दिया दारू का डब्बा परंतु अभी तक कोई सुनवाई नहीं की गई है , जबकि बिहार में पूर्ण शराबबंदी अभियान का असर ऐसा है कि शराब तो दूर यदि कहीं किसी के घर के बाहर या आस पास खाली शराब का एक बोतल भी मिलता है तो उन्हें उत्पाद विभाग द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाता है । ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या नई शराब उत्पाद नीति सिर्फ आम लोगों तक सीमित है ? सरकारी सेवा के लोगों के लिए शराब पीना इस क़ानून के अंदर नहीं आता है क्या ? इसका जबाव तो उत्पाद विभाग ही दे सकती है ।

News By - मोहित पंडित