पूर्णिया के जदयू सांसद संतोष कुशवाहा ने सीमांचल इलाको में आने वाले बाढ़ के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार माना! उन्होंने कहा की सीमांचल हर साल बाढ़ से तबाह होती है लेकिन केंद्र सरकार इस ओर उदासीन बनी हुई है। इस बार भी पूर्णिया सहित सीमांचल एव कोसी के जिले बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित हुई लेकिन केंद्र सरकार का एक भी प्रतिनिधि देखने तक के लिए यहाँ नही पहुचे है। जबकि सीमांचल मे बाढ़ एक अन्तराष्ट्रिय समस्या है। केंद्र सरकार चाहे तो इसका स्थाई समाधान भी हो सकता है। नेपाल से इस संबंध मे वार्ता कर इसका समाधान निकाला जा सकता है। इसके लिए कमेटी भी बनी थी लेकिन कमेटी की पहल आजतक शुरू नही हो पाई है। केंद्र सरकार का सहयोग नही मिल पा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से माँग की कि सीमांचल मे बाढ़ का स्थाई समाधान निकालने के लिए केंद्र सरकार पहल करे। उन्होंने को आरो हाथे लेते हुए कहा की केंद्र सरकार के गृहमंत्री आये भी तो वे असम का दौरा कर वापस लौट गए लेकिन बिहार के बाढ़ की स्थिति को देखना तक उचित नही समझे। भाजपा शासित प्रदेशों मे आपदा आने पर केंद्र के मंत्री वहा कैंप करने लगते है लेकिन यहाँ आना तक उचित नही समझते। बिहार के साथ केन्द्र का यह सौतेला व्यव्हार यहाँ की जनता देख रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीमांचल के बाढ़ को गंभीरता से लिए तथा त्वरित कारवाई का निर्देश आधिकारियो को दिया। उन्होनो हवाई सर्वेक्षण कर तुरंत पीड़ितों को मुआबजा देने का निर्देश दिया। बाढ़ मे मरे लोगो के परिजन को चार लाख मुआबजा देने का निर्देश दिया जा रहा है। गृह छति और फसल क्षति का मुआबजा दिए जाने का भी निर्देश दे दिया गया है।
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बुधवार, 3 अगस्त 2016
सीमांचल में बाढ़ केंद्र सरकार की देन- कुशवाहा
पूर्णिया के जदयू सांसद संतोष कुशवाहा ने सीमांचल इलाको में आने वाले बाढ़ के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार माना! उन्होंने कहा की सीमांचल हर साल बाढ़ से तबाह होती है लेकिन केंद्र सरकार इस ओर उदासीन बनी हुई है। इस बार भी पूर्णिया सहित सीमांचल एव कोसी के जिले बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित हुई लेकिन केंद्र सरकार का एक भी प्रतिनिधि देखने तक के लिए यहाँ नही पहुचे है। जबकि सीमांचल मे बाढ़ एक अन्तराष्ट्रिय समस्या है। केंद्र सरकार चाहे तो इसका स्थाई समाधान भी हो सकता है। नेपाल से इस संबंध मे वार्ता कर इसका समाधान निकाला जा सकता है। इसके लिए कमेटी भी बनी थी लेकिन कमेटी की पहल आजतक शुरू नही हो पाई है। केंद्र सरकार का सहयोग नही मिल पा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से माँग की कि सीमांचल मे बाढ़ का स्थाई समाधान निकालने के लिए केंद्र सरकार पहल करे। उन्होंने को आरो हाथे लेते हुए कहा की केंद्र सरकार के गृहमंत्री आये भी तो वे असम का दौरा कर वापस लौट गए लेकिन बिहार के बाढ़ की स्थिति को देखना तक उचित नही समझे। भाजपा शासित प्रदेशों मे आपदा आने पर केंद्र के मंत्री वहा कैंप करने लगते है लेकिन यहाँ आना तक उचित नही समझते। बिहार के साथ केन्द्र का यह सौतेला व्यव्हार यहाँ की जनता देख रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीमांचल के बाढ़ को गंभीरता से लिए तथा त्वरित कारवाई का निर्देश आधिकारियो को दिया। उन्होनो हवाई सर्वेक्षण कर तुरंत पीड़ितों को मुआबजा देने का निर्देश दिया। बाढ़ मे मरे लोगो के परिजन को चार लाख मुआबजा देने का निर्देश दिया जा रहा है। गृह छति और फसल क्षति का मुआबजा दिए जाने का भी निर्देश दे दिया गया है।
