पूर्णिया के सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित बायसी अनुमंडल के 1. 85 लाख परिवारों को बाढ़ का पानी घटने के बाद राहत उपलब्ध कराने का काम शुरू कर दिया है। प्रशासन द्वारा अब तक जो बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की गयी है उसके अनुसार बायसी अनुमंडल के तीनों प्रखंड बायसी, बैसा एवं अमौर में 1 लाख 85 हजार 853 बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की गयी है। बाढ़ प्रभावित परिवारों के सूची का सत्यापन जिला स्तर पर गठित जांच टीम द्वारा भी शुरू कर दिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रभावित परिवारों की सूची जांच के लिये बायसी तथा वैसा प्रखंड में दो-दो टीम का गठन किया गया है तथा अमौर प्रखंड में जांच के लिये तीन टीम का गठन किया गया है। हर जांच टीम में स्थानीय प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अचल अधिकारी तथा नोडल पदाधिकारी के रूप में डिप्टी कलक्टर को शामिल किया गया है। बायसी अनुमंडल में बाढ़ प्रभावित परिवारों की जो सूची तैयार की गयी है उसके अनुसार सबसे अधिक 80268 प्रभावित परिवार अमौर प्रखंड में पाये गये हैं इसके अलावा बायसी प्रखंड में 57685 एवं वैसा प्रखंड में 47900 परिवारों की पहचान की गयी है। बाढ़ प्रभावित परिवारों की तैयार सूची की जांच में भी कई लोगों के नाम दुबारा सूची में शामिल करने तथा एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम सूची में शामिल किये जाने का मामला भी जांच में पकड़ में आया है। इस तरह के सभी नामों की सूची तैयार की जा रही है और उसे प्रभावित परिवारों की सूची से हटाने का काम किया जा रहा है। इस बार बाढ़ राहत की राशि प्रभावित परिवारों के बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से डाली जायेगी। इसके लिये हर प्रखंड में अलग-अलग बैंकों का चयन भी किया गया है जिसके माध्यम से हर लाभुक के खाते में छह हजार की राशि डाली जायेगी। बायसी में बाढ़ राहत राशि प्रभावित परिवारों के खातों में डालने के लिये स्टेट बैंक आफ इंडिया, ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक एवं सेन्ट्रल बैक का चयन किया गया है। वैसा प्रखंड में ग्रामीण बैंक एवं सेन्ट्रल बैंक तथा अमौर में भारतीय स्टेट बैंक के अलावा ग्रामीण बैंक द्वारा खाते में राशि भेजी जायेगी। बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत राशि उनके खाते में डालने के लिये 111 करोड़ की राशि भी इन बैंकों को आवंटित कर दी गयी है। बायसी अनुमंडल में परमान महानंदा एवं कनकई नदी ने काफी तबाही मचाई जिससे इस अनुमंडल के तीनों प्रखंडों की बड़ी आबादी काफी प्रभावित हुई। बाढ़ से प्रभावित इस इलाके के लगभग दो लाख परिवारों को जिला प्रशासन द्वारा राहत राशि उपलब्ध कराने के पूर्व दो लाख परिवारों को सूखा राशन का पैकेट उपलब्ध कराया जा चुका है।
