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सोमवार, 13 जून 2016

लूट की छुट है ठेकेदारो को 

*नगर निगम-मामला 101 रोड का काम बिना लॉटरी के पैसे लेकर देने का
*बिना काम आवंटन हुए ही ठेकेदार ने कही रोड तो कही नाला बना दिया
*नगर आयुक्त ऐसे किसी काम से इनकार कर रहे है
*निगम चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी भी चुप
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पूर्णिया में लूट की खुली छुट है, और इस लूट में जिला प्रसाशन की भी मूक सहमति है! तभी तो बिना टेंडर मिले सवेदक नगर निगम क्षेत्र में अपनी मर्जी से सड़क निर्माण कर रहे है और उन्हें शत प्रतिशत भरोसा है की जब कभी भी टेंडर की प्रक्रिया होगी बने हुए सड़क का काम उन्हें ही मिलेगा!ऐसा सिर्फ पूर्णिया में ही संभव है क्योंकि यहाँ लूट में सबको छुट मिली हुई है!                            मामला नगर निगम क्षेत्र का है जहाँ 101 रोड बनाने का निविदा निकली थी, इसके अंतर्गत निगम के लगभग सभी वार्डो में सड़क नाला का निर्माण होना था! लेकिन निगम के बाबुओ के लालफीताशाही के कारण 3 माह तक टेंडर खोला ही नहीं गया! नियमतः 3 माह के बाद पुनः निविदा निकाली जाती है,लेकिन सारे नियम कानून को तोड़कर बिना नुविदा के ही निगम के बाबुओ ने पैसा लेकर चहेते ठेकेदारो को रोड बनाने का ठेका दे दिया! इतना ही नहीं यह ठेका बिना लॉटरी के रातो रात फोन पर ही बाँट दिया गया और सुबह ही आनन् फानन में काम शुरू करने की हिदायत भी दी गई! यह सारा पैसे का खेल निगम चुनाव के मद्देनजर किया गया! हंगामा होने के बाद जिला शहरी विकास अभिकरण,पूर्णिया ने अपने पत्रांक 161 दिनांक 11/5/2016 को एक पत्र निकालकर अगले आदेश तक कार्य पर दिखावे के लिए रोक लगा दिया, मगर सड़क निर्माण का काम आज भी बदस्तूर जारी है! सवेदक दिलीप यादव ने निगम पर पैसा लेकर काम देने का आरोप लगाया है, उन्होंने मुकदमा के साथ साथ मुख्यमंत्री को भी इस लूट से अवगत कराने की बात कही है!अभी निगम क्षेत्र अंतर्गत चुनाव हो रहा है सभी संवेदकों ने अपना अपना योजना का बोर्ड भी लगा दिया है जिसमे वर्तमान वार्ड पार्षद, मेयर,डिप्टी मेयर का नाम है! यह बोर्ड वर्तमान समय में आचार संहिता का उलंघन भी कर रहा है!पार्षद खुद को वोट देने की अपील कर रहे है और जितने के बाद सड़क निर्माण करा देने का लोभ दे रहे है! इस बाबत जब नगर आयुक्त से बात की गई तो वही रटा रटाया जवाब दिया गया की जाँच करेगे!जबकि इस लूट में उनकी भी मूक सहमति है, वरना बिना लॉटरी के काम कैसे दे दिया गया! नगर निगम के इस कारनामे से पूर्णिया शहर के लोग अचंभित है और जिला प्रशासन सबकुछ जानते हुए भी लूट की खुली छुट दे रखी है!
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जाँच के नाम पर भी लीपापोती
पुरे प्रकरण के जाँच के आदेश तो दे दिए गए है मगर उसपर भी लीपापोती की कोशिश हो रही है! सदर एसडीओ की ओर से अनुमंडल कार्यपालक दंडाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहाय को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है. श्री सहाय का कहना था कि पंचायत निर्वाचन की मतगणना संपन्न होते ही पूरे मामले की जांच की जायेगी. वहीं दोषियों की विस्तृत रिपोर्ट वरीय अधिकारी को समर्पित कर कार्रवाई की अनुशंसा की जायेगी. अब मतगणना तो कब का खत्म हो गया अब ये कह रहे है की कोई शिकायतकर्ता नहीं है कार्यवाही हो तो कैसे हो