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गुरुवार, 12 मई 2016

पूर्णिया जिले में शराब बंदी का असर अब अपराध ग्राफ हो गया डाउन

पूर्णिया जिले में शराब बंदी का असर तो दिख रहा है साथ ही शराब बंदी के कारण जिले में अपराधिक घटनाओं में भी लगभग 50 फीसदी कमी दिख रही है। गत वर्ष 30 अप्रैल 2015 तक लगभग 467 मामले दर्ज किये गए जबकि 1 अप्रैल 2016 से 30 अप्रैल 2016 तक सिर्फ 296 मामला दर्ज किया गया। अपराधिक घटनाओं में इतनी कमी बहुत बड़ी उपलब्धि है।
           गत बुधवार को आयोजित अपराध गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए एसपी निशांत कुमार तिवारी ने स्पष्ट तौर से कहा कि शराब बनाने,बेचने या पीने वाले को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। नई उत्पादन नीति का उल्लंघन करने वाले को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाएगी।
         इसके अलावा पुलिस अधीक्षक द्वारा अपराधिक मामलों से निपटने के लिए बहुत सारे निर्देश दिए । जो कि इस प्रकार है ,अवैध ढंग से शराब निर्माण करने वालों के विरूद्ध अभियान चलाकर गिरफ्तारी करें तथा Breath Analyzer Machine का उपयोग करते हुए शराबियों के विरूद्ध कारवाई करें।अपराध निर्देशिका भाग-2 का अवलोकन कर अपराधकर्मियों की गिरफ्तारी करें। बैंक एवं सघन वाहन की चेकिंग करें।असामाजिक व्यक्तियों के विरूद्ध निरोधात्मक कार्रवाई एवं वाउन डाउन की कारवाई करें।सक्रिय अपराधक्रमियों के विरूद्ध निगरानी प्रस्ताव समर्पित करें। सम्पत्ति मूलक कांड के अपराधकर्मियों के विशेष छापामारी अभियान चलायें। कांडों के अनुसंधान/पर्यवेक्षण एवं निष्पादन हेतु अभियान चलायें।दागियों का सत्यापन करें तथा उनके वर्तमान गतिविधि पर नजर रखें।
         गोष्ठी में सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी,अंचल पुलिस निरीक्षक एवं थाना/ओ0पी0 अध्यक्ष मौजूद थे।