शनिवार की शाम पूर्णिया क्षेत्र के सभी छठ व्रती अपने-अपने घरों में खरना की। आम की लकड़ी को जलाकर दूध व अरवा चावल से बने खरना के प्रसाद ग्रहण करने के उपरांत छठव्रतियों का निर्जला महा उपवास शुरू हो गया है। वैसे तो उपवास नहाय-खाय के रात से ही शुरू है पर खरना के उपरांत लगातार 36 से 40 घंटे का उपवास के बाद व्रती सोमवार की सुबह पारण करेंगी। खरना के प्रसाद को लोग महा प्रसाद के रूप में देखते हैं। खरना के प्रसाद को ग्रहण करने वाले अपने आप को सौभाग्यशाली मानते हैं। यही कारण है कि प्रसाद पाने का सिलसिला प्रखंड क्षेत्र में देर रात तक चलता रहा। लोग व्रतियों के घर में जा कर प्रसाद ग्रहण किये। दूसरी तरफ व्रतियों के घर में महिलाओं को सुप व दउरा का साज सज्जा करते हुए देखी गई। बताते चलें की छठ पर्व का मुख्य अर्घ्य रविवार की संध्या होगी। इसके उपरांत सोमवार की सुबह उदयीमान सूर्य के अर्घ्य के साथ छठ का पर्व संपन्न होगा।
