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रविवार, 4 सितंबर 2016

शराबबंदी- पूर्णिया और नालंदा में है अलग अलग कानून

30 अगस्त को हरनौत प्रखंड के जनता दल (युनाइटेड) के प्रखंड अध्यक्ष चंद्रदीप सेन के घर से पूर्व मुखिया सुवेंद्र सिंह की सूचना पर बड़ी मात्रा में शराब बरामद की गई थी.

बिहार में शराब पूर्ण बंदी है पुरे बिहार के लिए नितीश कुमार ने एक ही कानून बनाया है मगर बिहार के सिर्फ 2 जिले पूर्णिया और अपने गृह जिला नालंदा के लिए शायद अलग अलग कानून बनाया है! पूर्णिया के वरिष्ट पत्रकार अशोक कुमार के घर के पास खाली जमीन पर सुचना दाता ने सिर्फ एक शराब की बोतल रख कर फसा कर जेल भेजवा दिया, जबकि सूचनादाता ने कबूल किया की चाँद नाम के वय्क्ति के कहने पर उसने ये काम किया! मगर सच्चाई जानने के बाद भी सडयंत्रकर्ता को जेल न भेज पत्रकार को ही जेल भेज दिया! ठीक उसी प्रकार मुख्यमंत्री नितीश कुमार के गृह जिला हरनौत में पूर्व मुखिया सुवेद्र सिंह ने सुचना दी की जदयू नेता चंद्रदीप सेन के घर में शराब है, उत्पाद विभाग ने घर के अंदर से ताला लगे हुए कमरे से 168 बोतल शराब बरामद कर गिरफ्तार भी किया गया,जाँच के बाद जिला प्रसाशन ने कहा की जदयू नेता को शराब रखकर फंसाया गया है! अब जिला प्रशासन आरोपी जद (यू) नेता को क्लीनचिट दे दिया है और सूचना देने वाले के खिलाफ ही उनके घर से शराब की खाली बोतल मिलने का मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया!

अब सवाल यह उठता है की एक जैसा मामले में अलग अलग कानून क्यों? क्या नालंदा पूर्णिया के लिए सरकार ने अलग अलग कानून बनाया है?

उत्पाद इंपेक्टर के अनुसार जदयू नेता के घर के अंदर से उनके आलमारी से शराब मिला, मगर पूर्णिया में तो पत्रकार के घर से दूर खुले बगीचे से सिर्फ 1 बोतल बरामद किया था, क्या गृह जिला नालंदा और पूर्णिया के लिए अलग अलग नियम बनाये गए है?