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सोमवार, 1 अगस्त 2016

सावन में उमड़ा शिवभक्तों का जनसैलाब

आस्था के प्रतीक धीमेश्वरनाथ शिव मंदिर में शिवभक्तों का सावन में पूजा-अर्चना हेतू जनसैलाब उमड़ पड़ा है |बच्चे- बूढ़े,युवा हर कोई बाबा के पूजन में तल्लीन हो चुके हैं |चारों ओर 'बोल-बम' के जयघोष की गूँज है |
            पौराणिक कथा के अनुसार, अंगप्रदेश के राजा कर्ण प्रतिदिन पुष्पक विमान से यहाँ पूजा-अर्चना करने आते थे |यह शिवलिंग आपरूपी है |सच्चे मन से माँगी भक्तजनों की हर मनोकामना यहाँ पूर्ण होती है |यह शिवलिंग हजारों साल पुरानी है |
                 सावन में लाखों काँवरिये मनिहारी से जल लेकर यहाँ आते हैं और इस शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं | मनिहारी में उत्तरवाहिनी गंगा है जो एक अलौकिक आस्था की प्रतीक है | यह परंपरा कई वर्षों से चलती आ रही है |
                         भक्तजनों की सहायता के लिए ' बोल-बम सेवा समिति' नामक एक ट्रस्ट भी है,जो काँवरिये और सामान्य भक्तजनों को बाह्य सुविधा मुहैया करवा रहे हैं,ताकि भक्तजनों को किसी प्रकार की को कठिनाई ना हो | इस कार्य में आम प्रबुद्धजन भी समर्पित भाव से लगे हुए हैं |
     वस्तुतः,सोमवार के दिन यहाँ की छटा अद्भूत,अविस्मरणीय व अलौकिक होती है,जो देखने लायक होती है |