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शुक्रवार, 22 जुलाई 2016

सदर अस्पताल का कारनामा- जिन्दा बच्चे को मृत बच्चे की माँ को सौप, मृत बच्चे को जिन्दा बच्चे के माँ को

पूर्णिया सदर अस्पताल में गुरुवार को स्वास्थ्यकर्मियों की बड़ी लापरवाही सामने आई. एक नवजात शिशु की मौत होने पर उसे दूसरे परिजन को सौंप दिया गया.
हीना देवी के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के आईसीयू से उनके बच्चे को गायब कर दिया और अब मांगने पर अस्पताल प्रशासन कर रहा है कि बच्चा मर गया है. इस बात पर लोग भड़क गये और हंगामा करने लगा.दरअसल हीना देवी और रीना देवी दोनों के नवजात शिशु सदर अस्पताल के शिशु गहन चिकित्सा केन्द्र में शीशे में बंद थे. बुधवार शाम में ही हीना देवी के बच्चे की मौत हो गई. अस्पतालकर्मियो ने हीना के बजाय रीना देवी के परिजन को यह कहकर मृत बच्चा सौंप दिया कि उनका बच्चा मर गया. रीना देवी और उनके परिजन रोते बिलखते बच्चा लेकर अस्पताल से चले गए.
जब गुरूवार सुबह में हीना देवी अपना बच्चा देखने पहुंची तो अस्पताल कर्मियो ने कहा कि उनका बच्चा मर गया. इसपर उनलोगों ने कहा कि मृत बच्चा कहां है. इसी बात को लेकर अस्पताल में लोगों ने जमकर हंगमा किया और अस्पताल कर्मियो पर बच्चा को गायब करने का आरोप लगा दिया.इधर अस्पताल कर्मियो द्वारा छानबीन में पाया गया कि मृत बच्चा हीना देवी की थी तो अस्पताल से रीना देवी को फोन किया गया. रीना देवी और उनके परिजन मृत नवजात को लेकर अस्पताल आया तब लोग शांत हुये.
वहीं अपने बच्चे को जिंदा पाकर रीना और उसके परिजनों में मातम की जगह खुशी छा गयी. अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक सुरेन्द्र चौधरी ने कहा कि नाम में समानता के कारण इस तरह की लापरवाही हुई है. इसकी वे लोग जांच कर रहे हैं. सबसे अहम बात की बच्चा देने के 12 घंटे बाद भी रजिस्टर में बच्चे के मरने की सूचना दर्ज नहीं थी.
सदर अस्पताल में लापरवाही का ये पहला मामला नहीं है. सात दिन पहले भी एक प्रसूता को अस्पताल में भर्ती नहीं करने के कारण उसने शौचालय में बच्चे को जन्म दी थी. वहीं आज का मामला बड़ी लापरवाही प्रतीत होता है. किस तरह किसी दूसरे को दूसरा बच्चा सौंप दिया गया.
नवजात के मरने के बाद सीसीयू के रजिस्टर में 12 घंटे बाद भी बच्चा के मृत होने की सूचना दर्ज नहीं होना भी बड़ी लापरवाही दिखती है. ऐसे में जरुरत है इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की ताकि इस तरह बच्चे की हेराफेरी न हो .
उधर, नवजात के परिजनों ने अस्पताल कर्मियो पर बच्चा गायब करने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया. इस दौरान एक एसआई ने महिला को धक्का दे दिया विरोध में महिला ने भी एसआई की चप्पल से पिटाई कर दी.
सदर अस्पताल में के हाट थाना के एसआई बुद्धदेव तिवारी की एक महिला ने चप्पल से पिटाई कर दी. एसआई ने पहले महिला को धक्का दिया फिर महिला चप्पल खोलकर एसआई पर टूट पड़ी. ये पूरा मामला एक नवजात बच्चे को लेकर हो रहे हंगामा के दौरान हुआ.